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♦️🌀जया बच्चन ने भारतीय संस्कृति के खिलाफ नातिन को दिए 4 ज्ञान मंत्र, कहा ‘तुम बिन शादी के माँ बनोगी तो भी दिक्कत नहीं’
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♦️🌀अमिताभ बच्चन की धर्मपत्नी जया बच्चन ने कुछ ऐसा कह दिया है जिसके बाद से कई लोग उनकी आलोचना करने लग गए हैं। लोगों का दावा है की यह सब जो उन्होंने कहा है वह भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। लोगों का आरोप है की जहां अमिताभ बच्चन पूरे देश में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करते हैं वहीँ उनकी पत्नी ऐसी बार करके देश का माहौल गर्म करती हैं जो भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं। आइये अब आपको बताते हैं की आखिरकार जाया बच्चन ने क्या कहा है।
♦️🌀जया बच्चन की नातिन को चार सीख
♦️🌀जया बच्चन ने अपनी नातिन को ऐसी चार ज्ञान की बातें बताई हैं जिनका भरपूर विरोध हो रहा है। जया बच्चन ने रिलेशनशिप पर अपनी नातिन नव्या नवेली नंदा को ज्ञान दे डाला है।
♦️🌀पहला ज्ञान- तुम बिना शादी के माँ बनोगी तो भी कोई दिक्कत की बात नहीं है।
♦️🌀दूसरा ज्ञान- सिर्फ प्यार भरोसे रिश्ता नहीं चलता, शारीरिक सम्बन्ध भी जरूरी है।
♦️♦️तीसरा ज्ञान – हम प्रयोग नहीं कर सकते थे, लेकिन आज की पीढ़ी करती है और क्यों न करे?
♦️🌀जया बच्चन ने कहा शारीरिक सम्बन्ध पर घबराएं नहीं
♦️♦️जया बच्चन ने कहा है की आजके समय में फिजिकल अट्रैक्शन बहुत जरुरी है, हमारे समय में हम ऐसा नहीं कर पाते थे लेकिन आजकल के लोग ऐसा कर रहे हैं। ऐसा करना एक लम्बे रिलेशनशिप के लिए बहुत जरुरी है।
♦️♦️भारत में लोग ये बहुत सोचते हैं की अगर वे ऐसा करेंगे तो लोग क्या सोचेंगे और क्या कहेंगे। यदि फिजिकल रिलेशनशिप नहीं बन रही है तो वह रिलेशनशिप लम्बे समय तक नहीं टिकने वाली है। यदि आपका शारीरिक सम्बन्ध सही नहीं जा रहा और आप उस सम्बन्ध को आगे नहीं बढ़ाना चाहते तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। आपको गिल्टी फील करने की कोई जरुरत नहीं है।
♦️♦️लोगों ने जया बच्चन की सीख पर जताई आपत्ति
♦️♦️लोगों ने जया बच्चन की इस बात को सिरे से नकार दिया है। श्वेता मिश्रा नाम की ट्विटर यूज़र लिखती हैं की, ‘अब क्या ही कहा जाए, वो उनकी सोच है और हम नहीं सहमत हैं उनके इस सोच से , रिलेशनशिप जुड़ने पर तो तमाम बातें बोल दी वो पर ब्रेकअप के बाद उन दोनों में से किसी एक की क्या हालत होती है इसपे उनका क्या कहना है,experiment के चक्कर में लोग सामने वाले की मुस्कान हमेशा के लिए छीन लेते हैं।’
♦️♦️वीरू भाई नाम के ट्विटर यूज़र लिखते हैं की, ‘जया बच्चन को अपनी बहू को भी एक्सपेरिमेंट करने की इजाजत देनी चाहिए अपनी बहू को किसिंग सीन करने से मना करने वाला बच्चन परिवार मीडिया के सामने ही ऐसी बड़ी बातें कर सकता है सबको पता है धूम 2 फिल्म के समय रितिक के साथ ऐश्वर्या का किसिंग सीन अट पाया गया था।’
♦️♦️नन्द किशोर नाम के ट्विटर यूज़र लिखते हैं की, ‘भारत की संस्कृति मे तो एसी मान्यता नहीं है अब जया बच्चन संवैधानिक स्वतंत्रता से कुछ भी बोल सकती है अपने घर के बच्चियों को ये उसकी मर्जी है कम से कम सनातन मानने वालों को इनकी बातों का ध्यान नहीं देना चाहिए अपना करियर को गौरवान्वित बनाए रखना है तो इसे नहीं मानना चाहिए।’
♦️🌀बालीवुड भारतीय संस्कृति और समाज को लगा दीमक है ।
♦️🌀आज अपनी उच्छृंखल एवं कुत्सित विचारधारा सहित अपने अत्यंत असभ्य व्यवहार के लिए कुख्यात,भारतीय संस्कृति की थाली में निरंतर छेद करने का प्रयास करनेवाली गटरवुड की गुड्डी ने अपनी नातिन नव्या नवेली को शारीरिक संबंधों को लेकर ऐसी सलाह दे डाली जिसने नानी और नातिन के बीच के कई दशकों के गरिमामय अंतर के साथ-2 भारतीय समाज में माँ-बेटी के बाद आनेवाला यह सबसे अंतरंग व ममत्वपूर्ण रिश्ता सदैव के लिए कलंकित हो गया।
♦️🌀इनकी बातों का विश्लेषण करने से पहले जरा एक बात सोचकर देखिए। किसी घर में दादी,नानी या माँ अगर बेटी से अंतरंग संबंधों को लेकर कोई बात करते हैं तो क्या वे इस प्रकार पब्लिकली ढिंढोरा पीटते हैं कि आज हमने अपनी बेटी से शारीरिक संबंधों व प्रैंगनेंसी के बारे में बात की? नहीं ना! तो फिर इन्होंने ऐसा क्यों किया?
♦️🌀दरअसल, यह सारे इंटरव्यूज पारिवारिक ढांचे को तोड़ने के भारत की संस्कृति से घृणा करनेवाले लोगों के नरेटिव्स का हिस्सा होते हैं। यह सब स्क्रिप्टेड होता है। इस नशेड़ी,शराबी नानी को भारतीय युवाओं के बीच इस विषय को उठाने के लिए मोटी रकम मिली होगी ठीक वैसे ही जैसे मियां खलीफा और रिहाना को किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए और दीपिका पादुकोण को शाहीन बाग जाने के लिए मिली थी। इसलिए सबसे पहली बात तो मैं आपसे यह कहूँगी कि यह किसी नानी-नातिन का सहज वार्तालाप नहीं है। यह एक प्रायोजित तरीका है आपके बच्चों के दिमाग तक यह मैसेज पहुंचाने का कि सोचो ऐसी सोसायटी हो जाए तो कितना मजा आएगा। और जैसी कि आशा थी आज यह विषय लगभग प्रत्येक व्हाट्सएप समूह और सोशल मीडिया पर ट्रैंड कर रहा है।
♦️🌀सवाल है ऐसा करके किसका भला होगा? भला होगा भारतीय सामाजिक संरचना को तोड़कर छिन्नभिन्न कर अकेले भटकते युवाओं को अपना पिछलग्गू बनाकर अपने अनुसार प्रयोग करने का सपना देखनेवालों का। भारतीय संयुक्त परिवारों की व्यवस्था से भयभीत विदेशी शक्तियों, अंतरराष्ट्रीय नशेड़ियों के ड्रग्स कुछ और ज्यादा बिकेंगे अगर युवाओं में बेशर्त शारीरिक संबंधों की लत पड़ जाएगी क्योंकि कुछ क्षणों की यौन उत्तेजना और खोखली गर्माहट उनकी भावनात्मक भूख को कभी शांत नहीं कर पाएगी और नतीजतन वे प्रतिदिन स्वच्छंद यौनक्रीड़ा का आनंद लेते हुए भी अंदर से बेहद खालीपन महसूस करेंगे। भारतीय संयुक्त पारिवारिक स्वरूप से घृणा करनेवाले लोगों के हाथ ऐसे जॉम्बीज युवा लगेंगे जिनके लिए खुशियों का अर्थ माँ की गोद में सर रखकर लेटना नहीं,भतीजे-भतीजियों के साथ खेलना नहीं, एक लंबा,आक्रामक और डर्टीएस्ट सैक्स सैशन होगा जो प्रत्येक ऑर्गेज्म के बाद उन्हें फिर एक भावनात्मक शून्य में छोड़ जाएगा क्योंकि मात्र शारीरिक संबंधों की वाइल्ड उठापटक के सहारे चल रहे सो 'हॉट' रिश्तों में आपसी तालमेल,संवेदनशीलता और निस्वार्थ प्रेम का कोमल स्पर्श नहीं तलाशा जा सकता।
'♦️🌀बिना विवाह के बच्चे पैदा करने' की परिकल्पना को जनरलाइज करने का मतलब सैक्स जैसे अचूक ड्रग को चौबीस घंटों के लिए दिमाग पर हावी कर देना। एक ऐसे उन्मुक्त समाज की वकालत जिसमें बिना किसी शर्म और उत्तरदायित्व के मात्र दिमाग यही सोचता रहे कि कब और कैसे यौन संबंध बनाने का समय मिले। क्या आपको लगता है मात्र शारीरिक संबंधों के द्वारा पति पत्नी का भी रिश्ता रोककर रखा जा सकता है? अगर ऐसा होता तो आज भारतीय समाज में कितने ही रिश्ते सिर्फ कानून के डर से या बच्चों के भविष्य की मजबूरी के कारण ना बचे होते। बाहर से हैप्पिली मैरिड कपल नजर आनेवाले लोगों के पार्टनर भी यहाँवहाँ प्रेम की तलाश में नहीं भटक रहे होते। कारण?
♦️🌀विवाहेतर संबंधों के कारण आज के टूटते परिवार भी इसी बॉलीवुड के अथक परिश्रम की,लंबे समय से भारतीय दर्शकों के अचेतन मन में भरे जा रहे जहर की देन है अन्यथा यह वही भारतीय समाज है जहाँ पूरे-2 जीवन पति के शारीरिक संबंध बनाने में अक्षम हो जाने के उपरांत भी उनकी पत्नियों ने उन्हें सर आँखों पर रखा,कभी शिकायत नहीं की क्योंकि वे उनसे मात्र शरीर से नहीं,हृदय से प्रेम करतीं थीं। ऐसे गुमनाम पतियों को भी हमने देखा है जिन्होंने बीमार पत्नियों की सेवा करते हुए जीवन गुजार दिए पर कभी पुनर्विवाह के विषय में नहीं सोचा,परस्त्री की ओर आँख उठाकर नहीं देखा। भारतीय जोड़ों का,रिश्तों का यही मजबूत जोड़ उस गिरोह को हमेशा से आतंकित करता रहा है जो इस सशक्त समाज के विशिष्ट डीएनए युक्त युवाओं को असहाय,भ्रमित और अकेला कर अपने कुटिल पंजों में दबोच लेना चाहते हैं।
बॉलीवुड का पूर्ण बहिष्कार ही हमें इस प्रकार के भयावह और घृणित एजेंडा से बचा सकता है।
♦️🌀फिल्में,विज्ञापन,वेबसीरीज चाहे राम के नाम से आएं या श्याम के,पूर्ण बहिष्कार कीजिए। सैंटी होकर बॉटलीवुड के रक्तबीज को पुनर्जीवित होने का अवसर मत दीजिए। वरना जान लीजिए इस जैसी कुटिल नानी के रूप में काले चोर आपके बच्चों के जीवन की थाली में ओजोन परत से भी बड़ा छेद कर देने के लिए घूम ही रहे हैं।
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Peace if possible, truth at all costs.