नाई ने पहले मुंह पर पानी का फुहारा मारा, फिर क्रीम लगाकर मालिश की.. उसके बाद तौलिये से रगड़ कर मुंह साफ किया, फोम लगाया, रेजर में नया ब्लेड लगाया, शेव की, मूंछें और भवें सेट कीं, बढ़िया आफ्टर शेव लोशन लगाया, बोरोलीन पोता, फिर आखिर में हल्का सा पाउडर फाइनल टच दिया..
हमने कहा "जरा नाक के बाल निकाल दे.." उसने साथ में कान पर खड़े दो चार बालों पर भी कैंची फिरा दी। फिर हम बेशर्मी से बनियान उतार कर खड़े हो गये.. हाथ ऊपर उठाया, उसने बगल के भी बाल साफ कर दिये। उसके बाद उसने कंधे-पीठ पर हाथ मारा और थोड़ी देर मालिश भी कर दी.
हम अनमने से उठे, शीशे में आगे-पीछे कई एंगल से खुद को निहारा.. रितिक रोशन बनने में कुछ कमी सी लग रही थी, वो संशकित हमें घूर रहा था। शीशे के सामने कई बार अगवाड़ा-पिछवाड़ा ऐंठने के बाद आखिरकार हमें कमी मिल ही गई- मूंछ में दो बाल सफेद दिख रहे थे.. उन्हें भी निकलवाया और फाइनली पचास रुपया उसके हवाले करके यह सोचते हुए घर की राह ली कि "साली महंगाई कितनी बढ़ गई है, जरा सी दाढ़ी के पचास रुपये.?!
सोचिये कि उसने हमारे पचास के नोट के बदले कितना कुछ किया.? जबकि बात तो सिर्फ दाढ़ी बनाने की हुई थी, नाक, कान, बगल के बाल साफ करने और मालिश की बात तो नहीं हुई थी न.?
अब देखिए न मोदी जी के बारे में
अब गंभीरता से सोचिये कि
वादा तो सिर्फ राम मंदिर, 370 और समान नागरिक संहिता का था न.? पर उसने तो-
•ईरान का ₹ 48,000 करोड़ ऋण चुकाया,
•संयुक्त आरब अमीरात का ₹ 40,000 करोड़ ऋण चुकाया,
•भारतीय ईंधन कंपनियों का ₹ 1,33,000 करोड़ घाटा पूरा किया,
•इंडियन एयरलाइंस का ₹ 58,000 करोड़ घाटा पूरा किया,
•भारतीय रेलवे का ₹ 22,000 करोड़ घाटा पूरा किया,
•बीएसएनएल का ₹ 1,500 करोड़ घाटा पूरा किया,
•देश का ₹ 2,50,000 करोड़ का विदेशी कर्ज ब्याज के साथ चुकाया,
•सेनाओं को आधुनिक संसाधन देकर उन्हें विश्वस्तरीय बनाया,
•18,500 गांवों का विद्युतीकरण कराया,
•गरीबों को 8 करोड़ निःशुल्क गैस कनेक्शन दिया,
•हजारों किलोमीटर नई सड़कें बनाईं,
•युवाओं को ₹ 1,50,000 करोड़ के ऋण दिये,
•आयुष्मान भारत में 50 करोड़ नागरिकों के लिए ₹1,50,000 करोड़ की वैद्यकीय बीमा योजना आरंभ की,
•राम मंदिर भी बनवाया,
•370 भी हटाई,
•कश्मीर को केंद्रशासित कर दिया, •लद्दाख को अलग कर दिया,
•पाकिस्तान की हालत खजैले कुत्ते जैसी कर दी,
•CAA लागू किया,
•ढाई लाख रुपये मकान बनाने को दिया,
•घर घर शौचालय बनवाया,
•मुफ्त के सिलेंडर दिये,
•किसान कर्जमाफी कर के देश की इकोनामी को खतरे में डाला, किसी का तुष्टीकरण नहीं किया।
भले लाखों कार्यकर्ता नाराज हुए, पर भाई भतीजावाद नहीं किया।
•इसके अतिरिक्त NRC और NPR समेत देश और नागरिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाओं पर काम चल रहा है..
लेकिन हमारे मन में गुस्से से बार-बार एक ही सवाल उठता है- " क्या जमाना आ गया है, एक वोट के बदले बस इत्ता सा ही.?! कुछ भी तो नहीं किया मोदी ने..."
कितने बेशर्म हैं हम, पता नहीं कब सुधरेंगे.?!

Peace if possible, truth at all costs.