आतंकवादी और मुसलमान

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अगर गलत कह तो बोले नहीं तो जवाब दो भाइयो--->>
जब भी कोई मुस्लिम आतंकवादी कोई आतंक फेलाने के लिए बम
विस्फोट, या निर्दोष लोगों को मारना, या बाज़ार, रेल-गाड़ी, बस,
या हवाई-जहाज में बम विस्फोट या गोली-बारी करता है तो ये
मुसलमानों का एक ही रट्टा-रटाया जवाब है, की
"जो ये काम करते हैं वो मुस्लमान नहीं हैं",
या "इस्लाम मे बेगुनहा की जान लेना जयाज़ नहीं है",
"ये इस्लाम-विरोधी है"
"ये असली मुसलामन नहीं है जो आतंकवादी वारदात करते हैं"
"असली मुसलामन या इस्लाम किसी बेगुनहा की हत्या करने की
इज़ाज़त नहीं देता"
"ये लोग जेहाद का गलत मतलब समझते हैं"
"जेहाद का मतलब ये नहीं है"
"जेहाद का मतलब किसी को मारना नहीं होता"
"काफ़िर का ये मतलब नहीं होता"
"ये मुसलमान ही नहीं हैं"
मगर जब उनसे पूछो की, कसाब, अफज़ल गुरु, ओसामा हिन्दू है
क्या ?
क्या पाकिस्तान में आंतकवादीओं को ट्रेनिंग नहीं दी जाती ?
इस का मतलब क्या पाकिस्तान में कोई मुसलमान नहीं है ?
तो ये कोई जवाब नहीं देते !

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Peace if possible, truth at all costs.

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